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अपठित गद्यांश: UPSSSC PET के लिए संपूर्ण महत्वपूर्ण नोट्स और तैयारी की रणनीति

अपठित गद्यांश: UPSSSC PET के लिए संपूर्ण महत्वपूर्ण नोट्स और तैयारी की रणनीति

अपठित गद्यांश हिंदी भाषा के उन महत्वपूर्ण विषयों में से है जिसमें अभ्यर्थी की पठन, समझने, विश्लेषण करने और सही उत्तर चुनने की क्षमता को परखा जाता है। UPSSSC PET की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए इस टॉपिक पर अच्छी पकड़ बनाना जरूरी है, क्योंकि अपठित गद्यांश परीक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोग द्वारा दिए गए PET सिलेबस में अपठित गद्यांश को शामिल किया गया है और इसके लिए 10 अंक निर्धारित हैं।  




अपठित गद्यांश की खासियत यह है कि इसमें दिया गया passage पहले से पढ़ा हुआ नहीं होता। अभ्यर्थी को दिए गए गद्यांश को ध्यान से पढ़कर उसी के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। इसलिए इसमें केवल रटने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि गद्यांश को समझकर सही जानकारी पहचानने की क्षमता जरूरी होती है।

अपठित गद्यांश क्या है?

ऐसा गद्यांश या अनुच्छेद जिसे विद्यार्थी ने पहले से नहीं पढ़ा हो और परीक्षा में पहली बार पढ़कर उसके आधार पर प्रश्नों के उत्तर देने हों, उसे अपठित गद्यांश कहा जाता है।

इसमें किसी विषय पर एक छोटा या बड़ा अनुच्छेद दिया जाता है। उसके बाद गद्यांश से संबंधित कई प्रश्न पूछे जाते हैं।

प्रश्न सामान्यतः इन बातों पर आधारित हो सकते हैं:

  • गद्यांश का मुख्य भाव
  • शीर्षक
  • लेखक का उद्देश्य
  • गद्यांश में दी गई जानकारी
  • किसी शब्द का अर्थ
  • विलोम या पर्यायवाची
  • कथन की सही व्याख्या
  • गद्यांश से निष्कर्ष
  • तथ्य आधारित प्रश्न

इसलिए अपठित गद्यांश में गद्यांश को ध्यान से पढ़ना सबसे महत्वपूर्ण चरण है।

अपठित गद्यांश में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?

अपठित गद्यांश के प्रश्न कई प्रकार के हो सकते हैं। परीक्षा में दिए गए passage के आधार पर प्रश्नों का स्वरूप बदल सकता है।

1. मुख्य भाव पर आधारित प्रश्न

इस प्रकार के प्रश्न में पूछा जाता है कि पूरे गद्यांश का मुख्य विचार क्या है।

उदाहरण:

प्रश्न: उपर्युक्त गद्यांश का मुख्य उद्देश्य क्या है?

ऐसे प्रश्न में आपको पूरे passage को समझकर यह पहचानना होता है कि लेखक वास्तव में किस विषय पर जोर दे रहा है।

कैसे हल करें?

गद्यांश की शुरुआत और अंत को विशेष ध्यान से पढ़ें। कई बार लेखक अपना मुख्य विचार इन्हीं हिस्सों में स्पष्ट करता है।

2. उपयुक्त शीर्षक

कभी-कभी पूछा जाता है कि दिए गए गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक क्या होगा।

ऐसे प्रश्न में ऐसा विकल्प चुनना चाहिए जो पूरे गद्यांश के मुख्य विषय को सबसे अच्छी तरह व्यक्त करता हो।

सिर्फ passage की किसी एक लाइन को देखकर शीर्षक नहीं चुनना चाहिए।

उदाहरण

यदि passage में पर्यावरण संरक्षण, पेड़ लगाने और प्रदूषण कम करने की बात की गई है, तो उपयुक्त शीर्षक हो सकता है:

“पर्यावरण संरक्षण का महत्व”

3. गद्यांश से तथ्य आधारित प्रश्न

इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर passage में सीधे दिया हुआ होता है।

उदाहरण:

“जल हमारे जीवन का आधार है। मनुष्य, पशु और पेड़-पौधे सभी के लिए जल आवश्यक है।”

प्रश्न: जल किनके लिए आवश्यक है?

यदि passage में स्पष्ट रूप से मनुष्य, पशु और पेड़-पौधों का उल्लेख है, तो उत्तर भी उसी के आधार पर होगा।

महत्वपूर्ण नियम

जो passage में दिया है, उसी को आधार बनाएं।

अपनी सामान्य जानकारी के आधार पर उत्तर बदलने की कोशिश न करें।

4. शब्दार्थ से संबंधित प्रश्न

गद्यांश में किसी कठिन शब्द को दिया जा सकता है और उसका अर्थ पूछा जा सकता है।

उदाहरण:

“प्रकृति का संरक्षण आवश्यक है।”

यदि प्रश्न में “संरक्षण” का अर्थ पूछा जाए, तो इसका अर्थ होगा:

रक्षा करना / सुरक्षित रखना

इसी प्रकार passage में दिए गए शब्दों के: पर्यायवाची, विलोम, अर्थ से भी प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

5. निष्कर्ष आधारित प्रश्न

कुछ प्रश्न ऐसे होते हैं जिनका उत्तर passage में सीधे एक वाक्य में नहीं मिलता, बल्कि पूरे गद्यांश को समझने के बाद निष्कर्ष निकालना पड़ता है।

उदाहरण:

यदि passage में बार-बार समय के सदुपयोग, मेहनत और अनुशासन की बात की गई है, तो निष्कर्ष हो सकता है कि:

सफलता के लिए मेहनत और अनुशासन आवश्यक हैं।

ऐसे प्रश्नों में passage की पूरी भावना को समझना जरूरी है।

अपठित गद्यांश हल करने का सही तरीका

अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए केवल ज्यादा passages पढ़ना पर्याप्त नहीं है। उन्हें सही तरीके से हल करना भी सीखना जरूरी है।

Step 1: पहले गद्यांश को ध्यान से पढ़ें

गद्यांश को जल्दी-जल्दी पढ़ने के बजाय पहले उसका विषय समझने की कोशिश करें।

अपने मन में यह प्रश्न रखें:

“यह passage किस बारे में है?”

यदि आपने यह समझ लिया तो आधा काम आसान हो जाता है।

Step 2: महत्वपूर्ण शब्दों पर ध्यान दें

पढ़ते समय इन शब्दों पर विशेष ध्यान दें:

  • क्योंकि
  • इसलिए
  • लेकिन
  • हालांकि
  • अर्थात
  • मुख्यतः
  • केवल
  • हमेशा
  • कभी-कभी
  • आवश्यक
  • महत्वपूर्ण

ऐसे शब्द कई बार passage के मुख्य अर्थ को समझने में मदद करते हैं।

Step 3: प्रश्न को ध्यान से पढ़ें

कई अभ्यर्थी passage तो सही पढ़ लेते हैं लेकिन प्रश्न को जल्दी में गलत समझ लेते हैं।

उदाहरण:

“गद्यांश के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?”

यहां आपको सही कथन नहीं, बल्कि गलत कथन ढूंढना है।

इसलिए प्रश्न में नहीं, गलत, सही, असत्य, उचित, अनुचित जैसे शब्दों पर विशेष ध्यान दें।

Step 4: उत्तर passage में खोजें

यदि प्रश्न तथ्य आधारित है तो सबसे पहले passage में उसी जानकारी को खोजें। अपनी बाहरी जानकारी को passage पर लागू न करें।

मान लीजिए passage में किसी व्यक्ति के बारे में एक विशेष जानकारी दी गई है, लेकिन आपको उसके बारे में अलग जानकारी पता है। तब भी प्रश्न का उत्तर गद्यांश में दी गई जानकारी के आधार पर ही देना चाहिए।

Step 5: विकल्पों को eliminate करें

अगर किसी प्रश्न का उत्तर तुरंत समझ में नहीं आ रहा है तो विकल्पों को एक-एक करके हटाएं।

सबसे पहले उन विकल्पों को हटाएं:

  • जिनका passage से कोई संबंध नहीं है।
  • जो passage की बात के विपरीत हैं।
  • जिनमें ऐसी जानकारी है जो passage में नहीं दी गई।
  • जो बहुत अधिक या बहुत कम दावा करते हैं।

इसके बाद बचे हुए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

अपठित गद्यांश में सबसे महत्वपूर्ण बात

अपठित गद्यांश का एक बहुत महत्वपूर्ण नियम है:

उत्तर अपनी जानकारी से नहीं, बल्कि गद्यांश की जानकारी से देना है।

यही गलती बहुत से विद्यार्थी करते हैं। वे passage पढ़ते समय अपने सामान्य ज्ञान को उसमें जोड़ देते हैं और फिर गलत विकल्प चुन लेते हैं।

परीक्षा में आपको यह देखना है कि लेखक ने क्या कहा है, न कि आपको उस विषय के बारे में पहले से क्या पता है।

अपठित गद्यांश के लिए समय प्रबंधन

प्रतियोगी परीक्षा में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए किसी एक passage पर जरूरत से ज्यादा समय नहीं लगाना चाहिए।

पहले passage को समझें और फिर प्रश्नों के उत्तर दें।

यदि कोई प्रश्न बहुत कठिन लग रहा है तो उसे छोड़कर आगे बढ़ सकते हैं और अंत में वापस आ सकते हैं।

याद रखें:

Accuracy + Speed = बेहतर प्रदर्शन

लेकिन speed बढ़ाने के चक्कर में passage को बिना समझे पढ़ना भी सही रणनीति नहीं है।

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 एक उदाहरण से समझें

गद्यांश

“समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान वस्तुओं में से एक है। धन खो जाने पर उसे दोबारा प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन बीता हुआ समय वापस नहीं आता। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने समय का उचित उपयोग करना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए समय का महत्व और भी अधिक है, क्योंकि नियमित अध्ययन और अनुशासन से वे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।”

प्रश्न 1: गद्यांश का मुख्य भाव क्या है?

A. धन का महत्व
B. समय का महत्व
C. खेल का महत्व
D. स्वास्थ्य का महत्व

सही उत्तर: B. समय का महत्व

प्रश्न 2: बीता हुआ समय क्या नहीं किया जा सकता?

A. उपयोग
B. प्राप्त
C. वापस
D. बचत

सही उत्तर: C. वापस

प्रश्न 3: विद्यार्थियों को लक्ष्य प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक है?

A. केवल धन
B. नियमित अध्ययन और अनुशासन
C. केवल मनोरंजन
D. अधिक आराम

सही उत्तर: B. नियमित अध्ययन और अनुशासन

इस उदाहरण से क्या सीखें?

इस passage के तीन मुख्य बिंदु हैं:

समय महत्वपूर्ण है → समय वापस नहीं आता → विद्यार्थियों के लिए अध्ययन और अनुशासन जरूरी है।

यदि आपने passage के मुख्य विचार को समझ लिया, तो तीनों प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते हैं।

अपठित गद्यांश में होने वाली सामान्य गलतियां

1. बहुत तेज पढ़ना : जल्दी पढ़ने के कारण passage का मुख्य भाव छूट सकता है।

2. अपनी जानकारी लगाना : प्रश्न का उत्तर passage से लेना चाहिए।

3. प्रश्न में “नहीं” को नजरअंदाज करना : यह सबसे सामान्य गलतियों में से एक है।

4. कठिन शब्द देखकर घबरा जाना : हर शब्द का अर्थ जानना जरूरी नहीं है। पूरे वाक्य के संदर्भ से अर्थ समझने की कोशिश करें।

5. विकल्प को पूरा पढ़े बिना उत्तर चुनना : कई बार दो विकल्प देखने में समान लगते हैं। पूरा विकल्प पढ़ने के बाद ही उत्तर चुनें।


UPSSSC PET के लिए अपठित गद्यांश की तैयारी कैसे करें?

आपके दिए गए UPSSSC PET syllabus में सामान्य हिंदी शामिल है और इसके लिए 5 अंक निर्धारित हैं। इसलिए हिंदी के प्रत्येक महत्वपूर्ण topic की नियमित practice करना फायदेमंद रहेगा।

अपठित गद्यांश के लिए निम्न रणनीति अपनाएं:

रोजाना 20–30 मिनट का अभ्यास

  • 10 मिनट गद्यांश पढ़ें।
  • 10 मिनट प्रश्न हल करें।
  • 5 मिनट गलतियों का analysis करें।
  • कठिन शब्दों की छोटी vocabulary list बनाएं।

किन विषयों के passages पढ़ें?

अभ्यास के लिए अलग-अलग विषयों पर passages पढ़ें, जैसे:

  • शिक्षा
  • पर्यावरण
  • स्वास्थ्य
  • विज्ञान
  • तकनीक
  • समाज
  • अनुशासन
  • समय का महत्व
  • ग्रामीण विकास
  • भारतीय संस्कृति
  • प्रकृति
  • महिला शिक्षा
  • युवा और रोजगार

इससे अलग-अलग प्रकार के passages समझने की क्षमता विकसित होगी।

UPSSSC PET के लिए 10 महत्वपूर्ण अपठित गद्यांश अभ्यास

नीचे दिए गए गद्यांश प्रतियोगी परीक्षा के स्तर को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। प्रत्येक गद्यांश को पहले ध्यानपूर्वक पढ़ें और उसके बाद प्रश्नों के उत्तर दें।

अपठित गद्यांश 1: समय का महत्व

गद्यांश:
समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। धन और वस्तुएं खो जाने पर उन्हें दोबारा प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। सफल व्यक्ति वही होता है जो समय का उचित प्रबंधन करता है। विद्यार्थियों के जीवन में समय का महत्व और भी अधिक है। यदि विद्यार्थी नियमित रूप से अध्ययन करें और अपने कार्यों के लिए समय निर्धारित करें, तो वे कम तनाव में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। समय का सदुपयोग व्यक्ति को अनुशासित बनाता है और उसके लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता करता है।

प्रश्न

1. गद्यांश का मुख्य विषय क्या है?
A. धन का महत्व
B. समय का महत्व
C. खेल का महत्व
D. मनोरंजन का महत्व

उत्तर: B. समय का महत्व

2. बीता हुआ समय क्या नहीं किया जा सकता?
A. उपयोग
B. बचत
C. वापस प्राप्त
D. निर्धारित

उत्तर: C. वापस प्राप्त

3. विद्यार्थी बेहतर परिणाम कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
A. अधिक आराम करके
B. नियमित अध्ययन और समय प्रबंधन से
C. केवल खेलकर
D. बिना योजना के

उत्तर: B. नियमित अध्ययन और समय प्रबंधन से

4. समय का सदुपयोग व्यक्ति को क्या बनाता है?
A. आलसी
B. अनुशासित
C. चिंतित
D. असफल

उत्तर: B. अनुशासित

अपठित गद्यांश 2: शिक्षा का महत्व

गद्यांश:
शिक्षा मनुष्य के व्यक्तित्व के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को सही और गलत में अंतर करना भी सिखाती है। शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकता है। एक शिक्षित समाज अपने विकास के लिए सही निर्णय लेने में अधिक सक्षम होता है। इसलिए शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं समझना चाहिए। इसका उद्देश्य व्यक्ति में ज्ञान, विवेक, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

प्रश्न

1. शिक्षा किसके विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है?
A. केवल धन का
B. व्यक्तित्व का
C. केवल व्यापार का
D. केवल शरीर का

उत्तर: B. व्यक्तित्व का

2. शिक्षा व्यक्ति को क्या सिखाती है?
A. केवल नौकरी करना
B. सही और गलत में अंतर करना
C. केवल धन कमाना
D. मनोरंजन करना

उत्तर: B. सही और गलत में अंतर करना

3. शिक्षित व्यक्ति किसे बेहतर ढंग से समझ सकता है?
A. केवल बाजार को
B. अपने अधिकारों और कर्तव्यों को
C. केवल खेल को
D. केवल राजनीति को

उत्तर: B. अपने अधिकारों और कर्तव्यों को

4. शिक्षा का उद्देश्य इनमें से क्या है?
A. केवल रोजगार
B. केवल परीक्षा पास करना
C. ज्ञान, विवेक और जिम्मेदारी विकसित करना
D. केवल धन प्राप्त करना

उत्तर: C. ज्ञान, विवेक और जिम्मेदारी विकसित करना

अपठित गद्यांश 3: पर्यावरण संरक्षण

गद्यांश:
प्रकृति मनुष्य के जीवन का आधार है। वायु, जल, मिट्टी, वन और जीव-जंतु सभी पर्यावरण के महत्वपूर्ण अंग हैं। वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। यदि प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को पानी बचाने, पेड़ लगाने, कचरे का उचित निपटान करने और प्रदूषण कम करने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

प्रश्न

1. प्रकृति किसका आधार है?
A. केवल कृषि का
B. मनुष्य के जीवन का
C. केवल उद्योग का
D. केवल व्यापार का

उत्तर: B. मनुष्य के जीवन का

2. पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती क्या बन गई है?
A. शिक्षा
B. बढ़ता प्रदूषण और वनों की कटाई
C. खेल
D. यातायात व्यवस्था

उत्तर: B. बढ़ता प्रदूषण और वनों की कटाई

3. पर्यावरण की रक्षा किसकी जिम्मेदारी है?
A. केवल सरकार की
B. केवल किसानों की
C. प्रत्येक व्यक्ति की
D. केवल वैज्ञानिकों की

उत्तर: C. प्रत्येक व्यक्ति की

4. गद्यांश के अनुसार हमें क्या करना चाहिए?
A. प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग
B. पानी बचाना और पेड़ लगाना
C. अधिक कचरा फैलाना
D. वनों की कटाई करना

उत्तर: B. पानी बचाना और पेड़ लगाना

अपठित गद्यांश 4: परिश्रम और सफलता

गद्यांश:
जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रतिभा के साथ-साथ परिश्रम भी आवश्यक है। केवल इच्छा करने से कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता। लक्ष्य निर्धारित करने के बाद उसके लिए लगातार प्रयास करना पड़ता है। कई बार असफलता मिलने पर व्यक्ति निराश हो जाता है, लेकिन असफलता को सीखने का अवसर समझना चाहिए। जो व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखता है और लगातार प्रयास करता रहता है, उसके सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और परिश्रम का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।

प्रश्न

1. सफलता के लिए किसकी आवश्यकता होती है?
A. केवल भाग्य की
B. प्रतिभा और परिश्रम की
C. केवल धन की
D. केवल इच्छा की

उत्तर: B. प्रतिभा और परिश्रम की

2. असफलता को किस रूप में समझना चाहिए?
A. अंतिम परिणाम
B. समय की बर्बादी
C. सीखने के अवसर के रूप में
D. सफलता के प्रमाण के रूप में

उत्तर: C. सीखने के अवसर के रूप में

3. सफल होने की संभावना किससे बढ़ती है?
A. प्रयास छोड़ने से
B. गलतियों से सीखने और लगातार प्रयास करने से
C. केवल आराम करने से
D. दूसरों पर निर्भर रहने से

उत्तर: B. गलतियों से सीखने और लगातार प्रयास करने से

4. कठिन परिस्थितियों में किसका साथ नहीं छोड़ना चाहिए?
A. आलस्य
B. धैर्य और परिश्रम
C. भय
D. निराशा

उत्तर: B. धैर्य और परिश्रम

अपठित गद्यांश 5: पुस्तकें और ज्ञान

गद्यांश:
पुस्तकें मनुष्य की ज्ञान-यात्रा की महत्वपूर्ण साथी हैं। अच्छी पुस्तकें हमें नई जानकारी देने के साथ-साथ सोचने और समझने की क्षमता भी विकसित करती हैं। पुस्तक पढ़ने से भाषा पर पकड़ मजबूत होती है और शब्द-भंडार बढ़ता है। आज डिजिटल माध्यमों के कारण जानकारी प्राप्त करना पहले की तुलना में आसान हो गया है, फिर भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ-साथ ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक पुस्तकों को भी पढ़ने की आदत डालनी चाहिए।

प्रश्न

1. पुस्तकें किसकी महत्वपूर्ण साथी हैं?
A. केवल मनोरंजन की
B. ज्ञान-यात्रा की
C. केवल खेल की
D. व्यापार की

उत्तर: B. ज्ञान-यात्रा की

2. पुस्तक पढ़ने से क्या बढ़ता है?
A. केवल समय
B. शब्द-भंडार
C. आलस्य
D. खर्च

उत्तर: B. शब्द-भंडार

3. डिजिटल माध्यमों के बावजूद किसका महत्व कम नहीं हुआ है?
A. खेलों का
B. पुस्तकों का
C. यात्राओं का
D. बाजार का

उत्तर: B. पुस्तकों का

4. विद्यार्थियों को किन पुस्तकों को पढ़ना चाहिए?
A. केवल मनोरंजन की पुस्तकें
B. केवल पाठ्यक्रम की पुस्तकें
C. पाठ्यक्रम के साथ ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक पुस्तकें
D. केवल समाचार पत्र

उत्तर: C. पाठ्यक्रम के साथ ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक पुस्तकें

अपठित गद्यांश 6: स्वास्थ्य और जीवनशैली

गद्यांश:
स्वस्थ शरीर व्यक्ति की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। आधुनिक जीवनशैली में अनियमित भोजन, पर्याप्त नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों का अभाव अनेक समस्याओं का कारण बन सकता है। स्वस्थ रहने के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम आवश्यक हैं। इसके साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। अत्यधिक तनाव और लगातार काम करने की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसलिए स्वस्थ जीवन के लिए शरीर और मन दोनों की देखभाल आवश्यक है।

प्रश्न

1. स्वस्थ शरीर व्यक्ति की किस क्षमता को बढ़ाता है?
A. कार्यक्षमता
B. आलस्य
C. चिंता
D. नींद

उत्तर: A. कार्यक्षमता

2. स्वस्थ रहने के लिए क्या आवश्यक है?
A. अनियमित भोजन
B. पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम
C. लगातार काम करना
D. तनाव बढ़ाना

उत्तर: B. पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम

3. अत्यधिक तनाव का क्या प्रभाव पड़ सकता है?
A. स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव
B. हमेशा लाभ
C. ज्ञान में वृद्धि
D. कार्य में निश्चित सफलता

उत्तर: A. स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव

4. स्वस्थ जीवन के लिए किसकी देखभाल आवश्यक है?
A. केवल शरीर की
B. केवल मन की
C. शरीर और मन दोनों की
D. केवल भोजन की

उत्तर: C. शरीर और मन दोनों की

अपठित गद्यांश 7: अनुशासन

गद्यांश:
अनुशासन जीवन को व्यवस्थित बनाने वाला महत्वपूर्ण गुण है। अनुशासित व्यक्ति अपने समय, कार्य और जिम्मेदारियों को उचित ढंग से व्यवस्थित करता है। विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व है, क्योंकि इस समय विकसित की गई अच्छी आदतें भविष्य के जीवन को प्रभावित करती हैं। नियमित अध्ययन, समय पर कार्य पूरा करना और नियमों का पालन करना अनुशासन के उदाहरण हैं। अनुशासन का अर्थ केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना भी है।

प्रश्न

1. अनुशासन किस प्रकार का गुण है?
A. जीवन को अव्यवस्थित करने वाला
B. जीवन को व्यवस्थित बनाने वाला
C. केवल मनोरंजन से संबंधित
D. केवल खेल से संबंधित

उत्तर: B. जीवन को व्यवस्थित बनाने वाला

2. अनुशासित व्यक्ति क्या करता है?
A. कार्यों को टालता है
B. समय और जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करता है
C. नियमों को तोड़ता है
D. केवल आराम करता है

उत्तर: B. समय और जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करता है

3. विद्यार्थी जीवन में अनुशासन क्यों महत्वपूर्ण है?
A. इससे पढ़ाई समाप्त हो जाती है
B. अच्छी आदतें भविष्य को प्रभावित करती हैं
C. इससे समय नष्ट होता है
D. इससे जिम्मेदारियां कम होती हैं

उत्तर: B. अच्छी आदतें भविष्य को प्रभावित करती हैं

4. अनुशासन का अर्थ क्या है?
A. केवल नियमों का पालन
B. केवल समय पर सोना
C. नियमों के पालन के साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना
D. दूसरों पर नियंत्रण रखना

उत्तर: C. नियमों के पालन के साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना

अपठित गद्यांश 8: जल संरक्षण

गद्यांश:
जल पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधन है। मनुष्य के साथ-साथ पशु-पक्षी और पेड़-पौधे भी जल पर निर्भर हैं। बढ़ती जनसंख्या, जल का अत्यधिक उपयोग और कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी के कारण जल संकट गंभीर होता जा रहा है। यदि समय रहते जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में समस्या और बढ़ सकती है। वर्षा जल का संग्रह, पानी का सीमित उपयोग और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना जल संरक्षण के महत्वपूर्ण उपाय हैं। जल बचाना केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।

प्रश्न

1. जल किसके लिए आवश्यक है?
A. केवल मनुष्य के लिए
B. केवल पशुओं के लिए
C. सभी जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के लिए
D. केवल कृषि के लिए

उत्तर: C. सभी जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के लिए

2. जल संकट का एक कारण क्या है?
A. जल का सीमित उपयोग
B. जल का अत्यधिक उपयोग
C. जल संरक्षण
D. वर्षा जल संग्रह

उत्तर: B. जल का अत्यधिक उपयोग

3. जल संरक्षण का उपाय कौन-सा है?
A. पानी को व्यर्थ बहाना
B. जल स्रोतों को प्रदूषित करना
C. वर्षा जल का संग्रह करना
D. जल का अत्यधिक उपयोग करना

उत्तर: C. वर्षा जल का संग्रह करना

4. जल बचाना किसके प्रति जिम्मेदारी है?
A. केवल सरकार के प्रति
B. आने वाली पीढ़ियों के प्रति
C. केवल किसानों के प्रति
D. केवल उद्योगों के प्रति

उत्तर: B. आने वाली पीढ़ियों के प्रति

अपठित गद्यांश 9: आत्मनिर्भरता

गद्यांश:
आत्मनिर्भरता व्यक्ति को अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना सिखाती है। जो व्यक्ति प्रत्येक छोटे-बड़े कार्य के लिए दूसरों पर निर्भर रहता है, उसकी निर्णय लेने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है। आत्मनिर्भर होने का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति कभी किसी से सहायता न ले। इसका अर्थ है कि व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को समझे और अपनी क्षमता के अनुसार कार्य करने का प्रयास करे। विद्यार्थियों के लिए आत्मनिर्भरता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनमें निर्णय लेने, समस्या का समाधान करने और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता विकसित होती है।

प्रश्न

1. आत्मनिर्भरता व्यक्ति को क्या सिखाती है?
A. दूसरों पर निर्भर रहना
B. अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना
C. जिम्मेदारियों से बचना
D. निर्णय लेने से डरना

उत्तर: B. अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना

2. दूसरों पर अत्यधिक निर्भर रहने से क्या कमजोर हो सकता है?
A. स्मरण शक्ति
B. निर्णय लेने की क्षमता
C. शारीरिक शक्ति
D. भाषा ज्ञान

उत्तर: B. निर्णय लेने की क्षमता

3. आत्मनिर्भर होने का सही अर्थ क्या है?
A. कभी किसी से सहायता न लेना
B. अपनी जिम्मेदारियों को समझकर अपनी क्षमता से कार्य करना
C. दूसरों की सहायता करना बंद कर देना
D. अकेले रहना

उत्तर: B. अपनी जिम्मेदारियों को समझकर अपनी क्षमता से कार्य करना

4. विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता से क्या विकसित होता है?
A. केवल मनोरंजन
B. निर्णय लेने और समस्या समाधान की क्षमता
C. आलस्य
D. निर्भरता

उत्तर: B. निर्णय लेने और समस्या समाधान की क्षमता

अपठित गद्यांश 10: तकनीक और शिक्षा

गद्यांश:
तकनीक ने शिक्षा के क्षेत्र में कई नए अवसर पैदा किए हैं। इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों के कारण विद्यार्थी घर बैठे अनेक विषयों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन कक्षाएं, डिजिटल पुस्तकें और शैक्षणिक वीडियो अध्ययन को सुविधाजनक बनाते हैं। हालांकि तकनीक का उपयोग तभी लाभदायक है जब उसका सही उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाए। अत्यधिक समय मनोरंजन या सोशल मीडिया में बिताने से पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। इसलिए विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग सुविधा के साथ-साथ अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।

प्रश्न

1. तकनीक ने किस क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए हैं?
A. केवल व्यापार
B. शिक्षा
C. केवल खेल
D. केवल कृषि

उत्तर: B. शिक्षा

2. विद्यार्थी घर बैठे क्या प्राप्त कर सकते हैं?
A. केवल मनोरंजन
B. अनेक विषयों की जानकारी
C. केवल खेल
D. केवल समाचार

उत्तर: B. अनेक विषयों की जानकारी

3. तकनीक का अत्यधिक मनोरंजन के लिए उपयोग करने से क्या प्रभावित हो सकता है?
A. पढ़ाई
B. मौसम
C. कृषि
D. परिवहन

उत्तर: A. पढ़ाई

4. विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग कैसे करना चाहिए?
A. बिना किसी सीमा के
B. केवल मनोरंजन के लिए
C. अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ
D. बिल्कुल नहीं करना चाहिए

उत्तर: C. अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ



निष्कर्ष

अपठित गद्यांश UPSSSC PET की हिंदी तैयारी का ऐसा टॉपिक है जिसमें नियमित अभ्यास से अच्छा सुधार किया जा सकता है। इसमें किसी निश्चित तथ्य को याद करने से ज्यादा जरूरी है कि आप दिए गए passage को कम समय में समझ सकें और उसके आधार पर सही उत्तर चुन सकें।

आयोग द्वारा दिए गए UPSSSC PET syllabus में अपठित गद्यांश को शामिल किया गया है और इस खंड के लिए 10 अंक निर्धारित हैं। इसलिए हिंदी की तैयारी करते समय अपठित गद्यांश को भी अपनी नियमित practice का हिस्सा बनाएं।

Exam Mohalla Tip: रोजाना एक गद्यांश हल करें और हर गलत उत्तर के बाद यह जरूर देखें कि गलती गद्यांश समझने में हुई, प्रश्न पढ़ने में हुई या विकल्प चुनने में। यही तरीका आपकी accuracy और speed दोनों को बेहतर करने में मदद करेगा।


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